Indian Culture

संस्कृति जीवन की विधि है जो भोजन हम खाते हैं जो कपड़े हम पहनते हैं जो भाषा बोलते हैं और जिस भगवान की पूजा करते हैं यह सभी सभ्यता कहलाते हैं तथापि इनसे संस्कृति भी सूचित होती है सरल शब्दों में हम कह सकते हैं कि संस्कृति उस विधि का प्रतीक है जिसके आधार पर हम सोचते हैं और कार्य करते हैं इसमें वह अमूर्त का भौतिक भाव और विचार भी सम्मिलित है जो हमने एक परिवार और समाज के सदस्य होने के नाते उत्तराधिकार में प्राप्त करते हैं एक समाज वर्ग और सदस्य के रूप में मानव की सभी उपलब्धियां उसकी संस्कृति से प्रेरित कई जा सकती है कला संगीत साहित्य वास्तु विज्ञान शिल्प कला दर्शन धर्म और विज्ञान सभी संस्कृति के प्रकट पक्ष हैं तथापि संस्कृति में रीति रिवाज परंपराएं पर्व जीने के तरीके और जीवन के विभिन्न पक्षों पर व्यक्ति विशेष का अपना दृष्टिकोण भी सम्मिलित है इस प्रकार सांस्कृतिक मानव जनित मानसिक पर्यावरण से संबंध रखती है जिसमें हम सभी भौतिक उत्पाद एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी को प्रदान किए जाते हैं समाज वैज्ञानिकों में एक सामान्य सहमति और संस्कृति के मनुष्य द्वारा प्राप्त सभी आंतरिक और बाह्य व्यवहारों के तरीके समाहित है यह चिन्ह द्वारा भी स्थानांतरित किए जा सकते हैं सभ्यता से मनुष्य के भौतिक क्षेत्र की प्रगति सूचित होती है जबकि संस्कृति से मानसिक क्षेत्र की प्रगति सूचित होती है केवल भौतिक परिस्थिति में सुधार करके ही संतुष्ट नहीं हो जाता वह भोजन से ही नहीं जीता शरीर के साथ मन और आत्मा भी है भौतिक उन्नति से शरीर की भूख मर सकती है किंतु इसके बावजूद मन और आत्मा तृप्त वही बने रहते हैं उन्हें संतुष्ट करने के लिए मनुष्य अपना जो विकास और उन्नति करता है उसे संस्कृति कहते हैं नेशनल मीडिया फाउंडेशन का मूल उद्देश्य रहा है कि हमारी संस्कृति और संस्कार कभी भी धूमिल ना हो इसलिए समय-समय पर अलग-अलग जाति और अलग-अलग संस्कारों से अवगत कराता रहता है.