Tourism Seminar​

पर्यटन क्षेत्र देश की आर्थिक समृद्धि और रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है पर्यटन देश का व्रत सेवा उद्योग है यह एक महत्वपूर्ण सेवा क्षेत्र है जो सकल राजस्व और विदेशी मुद्रा के अर्जुन की दृष्टि से त्वरित विकास करता है यह सेवा प्रदाताओं का सम्मिश्रण है सरकारी और निजी दोनों की इसमें संयुक्त सेवा है जिसमें यात्रा एजेंट और संचालक हवाई और समुद्री परिवहन कार्ड होटलों के मालिक अतिथि गृह राष्ट्र और दुकानों को शामिल है पर्यटन किसी देश में रहने वाले लोगों के जीवन स्तर तथा पेंशन की स्थिति में महत्वपूर्ण सुधार लाए जाने के साथी रोजगार सृजन का भी महत्वपूर्ण कार्यकर्ता पर्यटन से स्थानीय कर राज्यों के रूप में सामाजिक निर्धनता उन्मूलन शिक्षा स्वास्थ्य सेवा की आवाज पेयजल तथा स्वच्छता मनोरंजन के अनेकों अवसर आदि आधारभूत सेवाओं की व्यवस्थाओं की वास्तविकता में साकार किया जा सकता है यही नहीं सामाजिक असमानता को दूर करने के लिए की दृष्टि से भी पर्यटन सकारात्मक प्रभाव डालता हैपर्यटन पर्यावरण की गुणवत्ता बढ़ाने अधिक रोजगार सृजन करने के लिए आज के समय में जहां हर देश की पहली जरूरत अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है वही आज पर्यटन के कारण कई देशों की अर्थव्यवस्था पर्यटन अब जबकि इर्द-गिर्द घूमती है यूरोपीय देश तटीय अफ्रीकी देश पूर्व एशियाई देश कनाडा ऑस्ट्रेलिया आदि ऐसे देश है जहां पर पर्यटन उद्योगों से प्राप्त आय वहां की अर्थव्यवस्था को मजबूत प्रदान करता है पर्यटन सिर्फ हमारे जीवन में खुशियों के पल को वापस लाने में ही मदद नहीं करता बल्कि यह किसी भी देश के सांस्कृतिक सामाजिक राजनीतिक और आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है पर्यटन का महत्व और पर्यटन की लोकप्रियता को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र संघ ने 1980 से 27 सितंबर को विश्व पर्यटन दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया इसी दिन 1970 विश्व पर्यटन संगठन का संविधान स्वीकार किया गया था पर्यटन विश्व का सबसे बड़ा क्षेत्र है जो वृश्चिक स्तर पर सकल घरेलू उत्पाद में 11% योगदान देता है भारत में यह अभी भी सिक्स पॉइंट 7% ही है जबकि पड़ोसी देशों तथा चीन में 8 पॉइंट 6 श्रीलंका में 1 पॉइंट 8 इंडोनेशिया में 9 पॉइंट 2 मलेशिया में 12.9 तथा थाईलैंड में 13 पॉइंट 9 यह हमसे बहुत अधिक है प्रथम पंचवर्षीय योजना के समय भारत में केवल 17000 विदेशी पर्यटक आए थे जो सन 2017 तक लगभग 77 लाख विदेशी पर्यटक आए प्रस्तुत किए गए शोध पत्र में अध्ययन का उद्देश्य भारतीय अर्थव्यवस्था पर्यटन उद्योग के प्रभाव का अध्ययन का भविष्य व पर्यटन उद्योग की समस्या एवं संभावनाओं को ज्ञात करना है अध्ययन के उद्देश्य को स्पष्ट करने के लिए सरलतम एवं व्यवहारिक सांख्यिकी विधियों का उपयोग किया गया है पर्यटन को अधिक विकास और रोजगार सृजन का एक सशक्त माध्यम माना जाता है पर्यटन क्षेत्र देश के शिव सेवा उद्योग में से एक है इसका महत्व आर्थिक विकास और विशेष तौर पर देश के दूरदराज क्षेत्रों को रोजगार सृजन के एक माध्यम के रूप में महत्वपूर्ण माना गया है नेशनल मीडिया फाउंडेशन इसी उद्देश्य को और अपने मध्य प्रदेश और भारत के सभी पर्यटन स्थलों को और भी स्पष्ट रूप से बढ़ावा देने के लिए अग्रणी है हमारा उद्देश्य अपनी कार्यशाला अलग-अलग प्रदेशों अलग-अलग देशों में करा कर वहां की संस्कृति और पर्यटन को बढ़ावा देना है