दुनिया भर मैं पत्रकारों आसुरक्षा के आंकड़े काफी चिंताजनक है जनरलिस्ट के अनुसार 1992 से अब तक 14 सौ से अधिक पत्रकारों की हत्या कर दी गई है उनमें से 890 से अधिक पत्रकारों के किसी भी हत्यारे को कभी न्याय के कटघरे में लाया तक नहीं गया दोषियों पर कार्यवाही नहीं किया जाना उन्हें दंड से मुक्ति देने के समान है भारतीय कानून 1997 को कृति स्वयं अधिनियम भी कहा जाता है जो 21 जनवरी 1958भारत वर्ष में लागू हैभारतीय संविधान के अनुच्छेद 19 के अलावा भारतीय दंड संहिता में भी या मानहानि से संबंधित प्रभाव किए गए हैं भारतीय दंड संहिता आईपीएस की धारा 499 के अनुसार राष्ट्र के प्रति व्यक्ति को अपनी ईमानदारी यश प्रतिष्ठा प्रसिद्धि एवं मान सम्मान आदि को सुरक्षित रखने का पूरा अधिकार है पत्रकार भी हत्या का शिकार हुए लेकिन मरने वालों में अधिकांश अधिकारी स्थानीय मीडिया से जुड़े हैं ऐसे आंकड़े अटल सच्चाई की एक झलक मात्र पत्रकारों की पिटाई अपरहण कारावास और धमकियों की संख्या काफी अधिक है उन्हें चुप कराने की कोशिश भी बड़ी संख्या में हो रही है पत्रकारों को खतरा विभिन्न किस्म के ताकतवर से हैं इनमें ड्रग माफिया आतंकी समूह निरंकुश सरकारें जातीय शत्रु उन्मादी और अराजक तत्व इत्यादि शामिल हैं दुनिया में पत्रकारों की सुरक्षा के लिए कई संगठन सक्रिय हैं इनमें अभिव्यक्ति की आजादी के पक्षधर प्रतिनिधि संगठनों के साथी नेशनल मीडिया फाउंडेशन नई दिल्ली भी शामिल है हमारा संस्थान लगातार पत्रकार सुरक्षा कानून रैली निकाल रहा है साथ ही साथ कलेक्टर महोदय को प्रत्येक जिले में ज्ञापन सौंपा गया है और पत्रकारों के हित के लिए काम कर रहा है नेशनल मीडिया फाउंडेशन के सभी सदस्य अग्रणी हैं पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने के लिए सरकार से निरंतर अपील जारी है मध्य प्रदेश के प्रत्येक जिले में रैली निकाली गई है हमारा उद्देश्य जैसे 1_1 मोती पिरो कर माला बनाई जाती है वैसे ही सारे पत्रकारों को एकजुट होकर हम गुहार लगाएंगे और अपने लक्ष्य को प्राप्त करेंगे यही हमारा मूल मंत्र है
ईश्वर ने हमें प्रकृति के रूप में जो उपहार दिया है, उसके लिए प्रत्येक मनुष्य को उसका आभारी होना चाहिए। जिस वातावरण में हम रहते हैं, वह हमें अनेक प्रत्यक्ष लाभ देता है, जैसे स्वच्छ हवा, पेयजल, रहने योग्य स्थान इत्यादि। इस देश की विविधता को देखते हुए अगर हम वातावरण की बात करें तो देश के विभिन्न भागों में भिन्न भिन्न प्रकार के वातावरण पाए जाते हैं। कहीं अत्यधिक ठण्ड, कहीं अत्यधिक गर्मी, कहीं वर्ष भर बारिश, कहीं पुरे वर्ष एक जैसा मौसम। लेकिन बढ़ते औद्योगीकरण और उससे निकले कचरे, धुएं व् मलवे के कारण हमारा वातावरण काफी प्रभावित होता रहा है, जिसमें उद्योगों के अलावा घरों से निकलने वाले अवशिष्ट, बढ़ते वाहनों के कारण वायु प्रदूषण व् अत्यधिक प्राकृतिक संसाधनों का दोहन भी काफी योगदान है। अतः हम नेशनल मीडिया फाउंडेशन के माध्यम से जनसामान्य को ये सन्देश देना चाहते हैं कि अगर प्रत्येक मनुष्य अपनी तरफ से एक छोटा सा भी प्रयास करे तो उन सभी प्रयासों का सामूहिक प्रभाव एक वृहद स्तर पर देखा जा सकता है जिससे हम अपनी भावी पीढ़ी के लिए एक स्वच्छ व् साफ़ वातावरण दे सकते हैं। नेशनल मीडिया फाउंडेशन के सभी सदस्य प्रत्येक वर्ष प्रत्येक जिले में वृक्षारोपण करते हैं और यह अभियान जुलाई से अगस्त के माह के बीच में निरंतर चलता है और साथ ही साथ पेड़ पौधों की सुरक्षा करने का भी संकल्प कराते हैं जिससे कि हम सभी के जीवन में पर्यावरण का महत्व बना रहे और सभी संकल्पित रहे